PM Vishwakarma yojana kya hai.भारतीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कारीगरों और शिल्पकारों से मिलकर बना हैं। ये कारीगर और शिल्पकार अपने पारम्परिक औजारों से काम करते हैं। ये सभी स्व -नियोजित होते हैं। इस तरह के ये सभी कारीगर और शिल्पकार असंगठित क्षेत्र का हिस्सा माने जाते हैं। इन सभी ने अपनी कला का प्रशिक्षण किसी संस्थागत संसथान से नहीं लिया होता हैं। इस प्रकार की कला का प्रसार पीढ़ी दर पीढ़ी पिता से पुत्र ओर होता हैं। इस प्रकार के सभी कारीगर या शिल्पकार ‘विश्वकर्मा‘ कहलाते हैं चाहे वे किसी भी जाति या धर्म के हो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समुदाय को आर्थिक, सामाजिक व तकनीकि रूप में शशक्त बनाने के लिए PM Vishwakarma yojana का शुभारम्भ किया।
इस योजना में आवेदन करने के लिए क्या आवश्यता हैं , कौन इसमें आवेदन कर सकता हैं। इसके लिए आयु सीमा क्या हैं तथा आवेदन कहाँ और कैसे करना हैं। यदि आप इन सभी की विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो यह पोस्ट ध्यान से पढ़े।
PM Vishwakarma yojana क्यों शुरू की गई :
इस योजना का उद्देश्य विश्वकर्माओं को अनेक लाभ प्रदान करना है, जो या तो स्वरोजगार कर रहे हैं या अपना स्वयं का लघु-स्तरीय उद्यम स्थापित करना चाहते हैं
- इस योजना को शुरू करने का उद्देश्य कारीगरों और शिल्पकारों का परम्परागत जो कौशल हैं उसे आज के परिपेक्ष्य में और अधिक परिस्कृत कर नई धार देना।
- कारीगरों और शिल्पकारों के क्षमता, उत्पादकता और उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में सहयोग करना।
- कारीगरों और शिल्पकारों को कम दर पर जमानत मुक्त ऋण उपलब्ध कराना।
- इन विश्वकर्माओं को डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहित तथा उनके उत्पादों को डिजिटल माध्यम से विश्व बाजार में पहिचान दिलाने में सहयोग करना।
PM Vishwakarma yojana 2024:
सरकार निम्न माध्यमों से विश्वकर्माओं का समग्र विकास करेगी
- पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड(PM Vishwakarma Certificate and ID Card)
- कौशल उन्नयन(Skill Upgradation)
- टूलकिट प्रोत्साहन(Toolkit Incentive)
- ऋण सहायता( Credit Support)
- डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन( Incentive for Digital Transactions)
- विपणन सहायता (Marketing Support)
पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड(PM Vishwakarma Certificate and ID Card)
सरकार विश्वकर्माओं को विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और एक डिजिटल कार्ड उपलब्ध कराएगी जिस पर उस विश्वकर्मा का एक यूनिक डिजिटल नंबर अंकित होगा। कार्ड का प्रयोग विश्वकर्मा इस योजना के सभी लाभों को प्राप्त करने में करेगा।
कौशल उन्नयन(Skill Upgradation):
अभी तक कारीगर और शिल्पकार सदियों से चले आ रहे पारम्परिक औजारों से काम करते आ रहे हैं। इस योजना में पहले शिल्पकारों और कारीगरों के कौशल का मूलयांकन किया जायेगा कि वे कितना जानते हैं फिर उन्हें अपनी विधा का बुनियादी प्रशिक्षण दिया जायेगा और इसके बाद उन्नत प्रशिक्षण (Advanced Training )दिया जायेगा।
- बुनियादी प्रशिक्षण लगभग 5-7 दिनों का 40 घंटे का होगा। प्रशिक्षण के दौरान भोजन और आवास निःशुल्क प्रदान किया जाएगा और प्रतिदिन 500 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
- बुनियादी प्रशिक्षण के बाद जो भी कारीगर या शिल्पकार अपने उन्नयन skill upgradation के लिए इच्छुक होंगे उन्हें 15 दिन/120 घंटे या उससे अधिक के उन्नत प्रशिक्षण /Advance Training कराई जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन 500 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी
टूलकिट प्रोत्साहन(Toolkit Incentive):
- शिल्पकारों और कारीगरों के बुनियादी प्रशिक्षण के प्रारम्भ में कौशल मूल्यांकन के बाद लाभार्थी को 15000 रूपये का ई-आरयूपीआई/ई-वाउचर दिया जायेगा जिसका उपयोग कर नामित केन्द्रो से आधुनिक टूलकिट खरीद सकेंगे।
- इन आधुनिक औजारों के संचालन को सिखाने के लिए डिजिटल गाइड और लघु वीडियो ट्यूटोरियल प्रदान किए जाएंगे.
ऋण सहायता( Credit Support):
- पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए, PM Vishwakarma yojana के तहत किफायती ऋण तक पहुँच को सुगम बनाया जाएगा।
- शिल्पकारों और कारीगरों द्वारा कौशल मूल्यांकन और बुनियादी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 1 लाख रुपये तक की ऋण सहायता की पहली किश्त प्राप्त कराई जाएगी। इस ऋण की वापसी 18 माह में की जा सकेगी।
- दूसरी क़िस्त के रूप में 2 लाख की ऋण सहायता दी जाएगी जो की मासिक किस्तों के रूप में 30 माह में वापस किया जा सकेगा।
- इन ऋणों के लिए सरकार द्वारा ब्याज दर 5% रक्खी गई हैं।एमएसएमई मंत्रालय द्वारा 8% तक की ब्याज सहायता बैंकों को अग्रिम रूप से दी जाएगी।
डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन( Incentive for Digital Transactions):
लाभार्थियों को यूपीआई के माध्यम से डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। पंजीकरण के समय विश्वकर्माओं की व्यावसायिक यूपीआई आईडी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी।डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी।
विपणन सहायता (Marketing Support):
इस योजना में पीएम विश्वकर्मा पोर्टल पर लाभार्थी द्वारा चयनित क्षेत्र के आधार पर लाभार्थियों को विपणन सहायता की सुविधा प्रदान की जाएगी।
- विश्वकर्मा के उत्पादों और सेवाओं की Physical और Online उपस्थिति बनाने में सहयोग प्रदान किया जायेगा।
- विश्वकर्मा के उत्पादों और सेवाओं ई-कॉमर्स पोर्टल पर List करने में सहयोग प्रदान करना।
- विश्वकर्मा के उत्पादों और सेवाओं को एक Brand के रूप में स्थापित करने में सहयोग प्रदान करना।
- विश्वकर्मा को निर्यातकों (Exporters) और व्यापारियों(Traders) से जोड़ने में सहयोग प्रदान करना।
- व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में विश्वकर्माओं की भागीदारी सुनिश्चित करने में सहयोग प्रदान करना।
- उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सहायता प्रदान करना।
- विश्वकर्मा को उत्पादों के पैकेजिंग, डिजायन तथा उत्पादों के वैश्विक स्तर का बनाने में सहायता प्रदान करना।
- जो भी Government infrastructure हैं वहां विश्वकर्मा के उत्पादों को रखने का स्थान उपलब्ध कराना। जिससे कि विश्वकर्मा के उत्पादों की पहुँच जन – जन तक हो सके।
- सरकार विश्वकर्मा के उत्पादों को गुणवत्ता प्रमाणन(Quality certifications), ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्डिंग, तथा उत्पादों को व्यापार मेलों में स्थान मिले इसको सुनिश्चित करेगी।
PM Vishwakarma yojana के लिए कौन कौन आवेदन कर सकता है?
पीएम विश्वकर्मा में निम्न 18 व्यवसायों का करने वाले व्यक्ति पात्र होंगे
बढ़ई | नाव बनाने वाला | अस्त्र बनाने वाला |
सुनार | लोहार | हथौड़ा और टूलकिट बनाने वाला |
मूर्तिकार | कुम्हार | मोची |
राजमिस्त्री | डलिया, चटाई, झाड़ू बनाने वाले | पारंपरिक गुड़िया और खिलौना बनाने वाले |
नाई | धोबी | दर्जी |
मछली का जाल बनाने वाले | मालाकार | ताला बनाने वाले |
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की पात्रता | Eligibility
- पारम्परिक व्यवसायों में लगे हुए ऐसे सभी व्यक्ति इस योजना के पात्र होंगे जो अपने हाथों और पारम्परिक औजारों से काम करते हैं।
- योजना के तहत पंजीकरण और लाभ परिवार के केवल एक सदस्य को मिलेगा। योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए, ‘परिवार’ को पति, पत्नी और अविवाहित बच्चों से मिलकर परिभाषित किया गया है।
- पंजीकरण करते समय व्यक्ति की आयु 18 वर्ष या इससे अधिक होनी चाहिए।
- पंजीकरण की तिथि पर लाभार्थी संबंधित व्यवसायों में लगा हुआ होना चाहिए।
- लाभार्थी ने पिछले 5 वर्षों में स्वरोजगार/व्यवसाय विकास के लिए केंद्र सरकार या राज्य सरकार की इसी प्रकार की ऋण आधारित योजनाओं, जैसे पीएमईजीपी, पीएम स्वनिधि, मुद्रा के तहत ऋण नहीं लिया हो। यदि लाभार्थी ने अपना ऋण पूरी तरह से चुका दिया है, वे पीएम विश्वकर्मा के तहत पात्र होंगे। 5 वर्ष की यह अवधि ऋण की स्वीकृति की तिथि से गणना की जाएगी।
- सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति एवं उसके परिवार के सदस्य इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं होंगे।
पीएम विश्वकर्मा योजना के आवश्यक दस्तावेज | Documents Required
- पहचान पत्र
- मोबाइल नंबर
- जाति प्रमाणपत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक अकाउंट पासबुक
- जाति प्रमाण पत्र
- मूल निवासी प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड एवं पैन कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो इत्यादि।
- चालू मोबाइल नंबर एवं ईमेल आईडी
विश्वकर्मा योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करे | How to Apply Online in PM Vishwakarma Yojana
Step-1: वेबसाइट https://pmvishwakarma.gov.in/ खोलें और “Login” पर क्लिक करें
Step-2: लॉगिन ड्रॉपडाउन मेनू से, पीएम विश्वकर्मा में पंजीकरण के लिए उपलब्ध ई-श्रम डेटा देखने के लिए पहले CSC Login और फिर “CSC -View E -Shram Data” विकल्प चुनें।
Step-3: अपने CSC उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड का उपयोग करके लॉग इन करें।
Step-4: सीएससी उपयोगकर्ता ई-श्रम पंजीकृत आवेदक विवरण देख सकते हैं। इसलिए वे उन आवेदकों से संपर्क कर सकते हैं और उन्हें पीएम विश्वकर्मा में पंजीकृत कर सकते हैं।
Step-5: पीएम विश्वकर्मा में कारीगरों को Register करने के लिए, CSC उपयोगकर्ताओं को लॉगिन ड्रॉप डाउन से “CSC -Ragister Artisans ” विकल्प का चयन करना होगा।
Step-6: अपने CSC उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड का उपयोग करके लॉग इन करें
Step-7: “क्या आपके परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी है?” में ‘नहीं’ चुनें और “क्या आपने केंद्र सरकार या राज्य सरकार की इसी तरह की योजनाओं के तहत ऋण/लोन सुविधा का लाभ उठाया है?”
क्या आपने स्वरोजगार/व्यवसाय विकास के लिए सरकार से कोई ऋण लिया है जैसे कि पीएमईजीपी या पीएम स्वनिधि या मुद्रा के तहत कोई ऋण बकाया है? और ‘जारी रखें’ बटन पर क्लिक करें।
Step- 8: “आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें” और कारीगरों का आधार नंबर दर्ज करें, “ओटीपी” बटन पर क्लिक करें और आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी सत्यापन करें।
फिर बायोमेट्रिक का उपयोग करके आधार प्रमाणीकरण करें। बायोमेट्रिक का उपयोग करके प्रमाणीकरण के लिए बायोमेट्रिक बटन पर क्लिक करें और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करें।
Step-9: पंजीकरण फॉर्म भरें। व्यक्तिगत विवरण अनुभाग में, नाम, पिता/पति/पत्नी का नाम, जन्म तिथि और लिंग स्वचालित रूप से आधार से प्राप्त हो जाएगा। वैवाहिक स्थिति का चयन करें, कारीगर की श्रेणी (जनरल/एससी/एसटी/ओबीसी) का चयन करें। चुनें कि कारीगर दिव्यांगजन है या नहीं, अगर कारीगर दिव्यांगजन है तो दिव्यांगजन का प्रकार चुनें। चुनें कि कारीगर उसी राज्य में व्यवसाय करता है या नहीं और चुनें कि कारीगर अल्पसंख्यक वर्ग से संबंधित है या नहीं, अगर हाँ तो अल्पसंख्यक वर्ग का चयन करें।
Step-10: संपर्क विवरण अनुभाग Contact Detail Section में, मोबाइल नंबर और आधार नंबर स्वतः भर जाएगा। यदि उपलब्ध हो तो पैन कार्ड नंबर दर्ज करें।
Step-11: परिवार विवरण अनुभाग में, यदि राशन कार्ड संख्या आधार संख्या से जुड़ी है, तो राशन कार्ड संख्या और परिवार का विवरण स्वतः ही भर जाएगा, अन्यथा परिवार का विवरण प्राप्त करने के लिए राशन कार्ड संख्या दर्ज करें, यदि राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है, तो परिवार की जानकारी मैन्युअल रूप से जोड़ें।
Step-12: आधार पता विवरण अनुभाग में, आधार पता, राज्य, जिला और पिन कोड स्वतः भर जाएगा। यदि आधार पता वर्तमान पते के समान है, तो “आधार पते के समान” पर क्लिक करें। और चुनें कि कारीगर ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है या नहीं यदि हाँ तो ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
यदि कारीगर शहरी क्षेत्र से संबंधित हैं तो “क्या आप ग्राम पंचायत के अंतर्गत आते हैं” में नहीं चुनें और ULB नाम चुनें।
Step-13: आधार पता विवरण अनुभाग में, यदि आधार पता अलग है, तो “अन्य” चुनें और चुनें कि कारीगर ग्राम पंचायत के अंतर्गत आते हैं या नहीं और वर्तमान पता विवरण दर्ज करें।
Step-14 : व्यवसाय/व्यापार विवरण अनुभाग में, कारीगर का व्यवसाय/व्यापार नाम चुनें। फिर यह घोषित करना होगा कि उसका व्यवसाय/व्यापार गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से प्राप्त पारिवारिक व्यवसाय है और व्यवसाय का पता चुनें, यदि व्यवसाय का पता आधार के समान है तो “आधार पते के समान” चुनें, यदि वर्तमान पते के समान है तो “वर्तमान पते के समान” चुनें।
यदि व्यवसाय का पता आधार और वर्तमान पते से अलग है तो अन्य विकल्प चुनें और व्यवसाय का पता दर्ज करें
Step-15: बचत बैंक विवरण अनुभाग में, कारीगर के बैंक खाते का नाम चुनें, IFSC कोड दर्ज करें, बैंक शाखा का नाम चुनें, और खाता संख्या दर्ज करें और खाता संख्या पुनः दर्ज करके इसकी पुष्टि करें।
Step-16: क्रेडिट सहायता अनुभाग में, चुनें कि कारीगर को क्रेडिट सहायता की आवश्यकता है या नहीं (हाँ या बाद में हो सकती है), और यदि क्रेडिट सहायता की आवश्यकता है, तो 1,00,000 रुपये तक की राशि दर्ज करें। यदि कारीगर उसी बचत बैंक/शाखा में ऋण लेना चाहते हैं, तो ऋण लेने के लिए पसंदीदा बैंक/शाखा में, बचत बैंक खाते के समान ही चुनें,
अन्यथा यदि कारीगर किसी अन्य बैंक शाखा से ऋण लेना चाहते हैं तो अन्य का चयन करें और उस बैंक और शाखा का चयन करें जहां से कारीगर ऋण लेना चाहते हैं। ऋण का उद्देश्य चुनें और मौजूदा ऋण बकाया जानकारी (यदि कोई हो) दर्ज करें और कुल मासिक पारिवारिक आय दर्ज करें।
Step-17: डिजिटल प्रोत्साहन अनुभाग में, चुनें कि कारीगर के पास कोई UPI ID है या नहीं, और हाँ या नहीं चुनें। यदि हाँ, तो UPI ID विवरण प्रदान करें। यदि उपलब्ध हो तो UPI ID से जुड़ा मोबाइल नंबर दर्ज करें
Step-18: कौशल प्रशिक्षण अनुभाग और टूल किट अनुभाग में, योजना के घटक लाभों को पढ़ें और समझें।
Step-19: मार्केटिंग सहायता अनुभाग में, इस योजना के तहत उपलब्ध विभिन्न मार्केटिंग-संबंधित सहायता लाभों का चयन करें।
Step-20: घोषणा और नियम व शर्तें स्वीकार करें
Step-21: सभी आवश्यक जानकारी दर्ज करने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें। एक पंजीकरण संख्या उत्पन्न होगी।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना FAQ
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना क्या हैं ?
शिल्पकारों और कारीगरों के सामाजिक व आर्थिक उत्थान के लिए भारत सरकार द्वारा चलाई गई योजना हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना 2024 में लाभ कैसे प्राप्त करें?
अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र CSC पर जाकर अपना पंजीकरण कराये।
पीएम विश्वकर्मा योजना में ट्रेनिंग कितने दिन की होती है?
बुनियादी प्रशिक्षण लगभग 5-7 दिनों का 40 घंटे का होगा तथा skill upgradation प्रशिक्षण 15 दिन/120 घंटे का होगा।
पीएम विश्वकर्मा लोन के लिए कौन पात्र हैं ?
परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी में न हो तथा पीएमईजीपी, पीएम स्वनिधि, मुद्रा के तहत ऋण नहीं लिया हो।
पीएम विश्वकर्मा योजना लास्ट डेट क्या हैं ?
अभी तक कोई अंतिम तिथि निर्धारित नहीं की गई है।
पीएम विश्वकर्मा कैटेगरी क्या हैं ?
पीएम विश्वकर्मा योजना में 18 कैटेगरी शामिल की गई जिसका विस्तृत विवरण ऊपर दिया गया हैं।